उन्हें आनंद जी का एक आम आदमी को थप्पड़ मारना अच्छा नहीं लगा.उन्होंने गाँधी जी को संकेत कर बगल वाले छात्र से नक़ल कर वर्तनी ठीक लिखने को कहा. किन्तु गाँधी जी ऐसा कहाँ करने वाले थे.लोग हर बार उसी समस्याओं के बारे में शिकायत करने, बुद्धिमान व्यक्ति के पास आ रहे हैं। एक दिन उसने उन्हें एक